जब रॉफेल है तो मिग 29 की खरीद क्यों?
गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच जारी तनातनी के बीच भारत सरकार ने रूस से इमरजेंसी में सुखोई 30 एमकेआई और मिग 29 फाइटर जेट के साथ-साथ कई और हथियारों की इमरजेंसी खरीद को मंजूरी दी है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि जब अत्याधुनिक राफेल खरीदा जा रहा है तो इन्हीं को और ज्यादा संख्या में खरीदने के बजाय पुरानी टेक्नोलॉजी वाले सुखोई और मिग की खरीद क्यों की जा रही है। साथ ही सवाल यह भी है कि क्या मिग 29 और सुखोई पाकिस्तान और चीन की वायुसेना के विमानों का मुकाबला कर सकते हैं। इस पॉडकास्ट में आपके इन्हीं सारे सवालों के जवाब छिपे हैं।