Discover
Jansatta संपादकीय Podcast - Editorial
Jansatta संपादकीय Podcast - Editorial
Author: Express Audio
Subscribed: 52Played: 454Subscribe
Share
© Copyright Express Audio
Description
स्वागत है आपका जनसत्ता सम्पादकीय Podcast में - जहां हम आपके लिए लाते है Jansatta के सम्पादकीय (Editorial) पन्नो से ऐसी ताज़ा टिप्पणिया और Opinion pieces जिनसे आप रहेंगे - "News से भी आगे"
हम हर रोज़ आपके लिए लाते है ताज़ा टिप्पणिया जनसत्ता के सम्पादकीय पन्नो से सुबह ११ बजे और शाम को ४ बजे। और जानकारी के लिए visit करे jansatta.com/audio और अगर आप ये पाड्कैस्ट कही और सुन रहे है तो सब्स्क्राइब ज़रूर करे - ताकि आप रह सके - "News से भी आगे"
हम हर रोज़ आपके लिए लाते है ताज़ा टिप्पणिया जनसत्ता के सम्पादकीय पन्नो से सुबह ११ बजे और शाम को ४ बजे। और जानकारी के लिए visit करे jansatta.com/audio और अगर आप ये पाड्कैस्ट कही और सुन रहे है तो सब्स्क्राइब ज़रूर करे - ताकि आप रह सके - "News से भी आगे"
716 Episodes
Reverse
जिस आधार पर भारतीय कुश्ती महासंघ की नई संस्था को निलंबित किया गया है, उससे यह साफ होता है कि आंतरिक ढांचे में एक विचित्र मनमानी चल रही थी, जिसका खमियाजा कुश्ती के खेल और इसके खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा था।
कोरोना की दो बड़ी लहरों ने देश में जितने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाया, उसके अनुभवों से अब सरकार किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है।
अमेरिका के इतिहास में पहली बार है कि अदालत ने 14वें संविधान संशोधन की धारा तीन का इस्तेमाल राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने के लिए किया है।
दूरसंचार सेवा के क्षेत्र में जिस तेजी से अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, उसी तेजी से इसके दुरुपयोग के खतरे भी बढ़े हैं। सरकार डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की कोशिश कर रही है, मगर इसमें व्यक्तिगत डेटा की चोरी, बैंक खातों में सेंधमारी, लोगों की निजता में खलल आदि की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ी है।
पेराई सत्र देर से शुरू होने और चीनी उत्पादन में कमी का मुख्य कारण गन्ने की बुआई का रकबा घटना है। हालांकि गन्ना सबसे सुरक्षित नगदी फसल मानी जाती है। इस पर मौसम की मार का भी बहुत असर नहीं पड़ता।
चुनाव आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण घटक है, जिसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कार्यात्मक स्वतंत्रता और संवैधानिक संरक्षण की आवश्यकता होती है। चुनाव आयोग से उम्मीद की जाती है कि देश में जहां भी चुनाव हों वहां स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान कराया जाए। अकेले चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि सरकार की भी यह जिम्मेदारी बनती हैं।
अब महंगाई की दर भले ही साढ़े पांच फीसद के आसपास यानी रिजर्व बैंक की ओर से अधिकतम सीमा के दायरे में हो, मगर यह उसके करीब भी है।
संसद परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति के दाखिल होने को लेकर बहुस्तरीय और कई परतों में किए गए सुरक्षा जांच इंतजामों के बावजूद ऐसा कैसे संभव हुआ!
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय ने उचित करार दिया है। अदालत की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने का फैसला युद्ध जैसी स्थिति में तदर्थ उपाय के रूप में किया गया था। वह स्थायी व्यवस्था नहीं थी। उसे समाप्त करने का अधिकार राष्ट्रपति को था। हालांकि यह फैसला जम्मू-कश्मीर की सियासत में सक्रिय राजनीतिक दलों और कुछ अन्य विपक्षी दलों को रास नहीं आया है।
पिछले कुछ समय से न्यायिक सक्रियता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं, खासकर सत्ता पक्ष की ओर से। अनेक मामलों में देखा गया है कि अदालतें सुनवाई के दौरान कुछ ऐसी मौखिक टिप्पणियां करती हैं, जो मीडिया की सुर्खियां बन जाती हैं।
राज्य के लोगों को हर स्तर पर सुरक्षा मुहैया कराने के लिए कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सख्ती से लेकर आपराधिक वारदात की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे तमाम दावे एक तरफ रह गए और दो अपराधियों ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के घर में जाकर उनकी हत्या कर दी।
कृत्रिम मेधा का विकास जिस स्तर तक हो चुका है, उसमें अलग-अलग स्वरूप वाले सोशल मीडिया मंचों को तस्वीर या वीडियो में छेड़छाड़ कर प्रस्तुत की गई सामग्री की पहचान करने और उसे रोकने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए।
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2022 में देश भर में महिलाओं के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं के कुल चार लाख पैंतालीस हजार दो सौ छप्पन मामले दर्ज किए गए।
जलवायु संकट का समाधान निकालने के लिए वैश्विक स्तर पर जो भी प्रयास हो रहे हैं, उनमें भारत ने बढ़-चढ़ कर अपनी भूमिका निभाई है। मगर इस क्रम में कई बार बिगड़ते जलवायु का हवाला देकर ऐसे कायदे समान रूप से सभी देशों के लिए जरूरी बनाने की कोशिश की जाती है, जिन्हें प्रथम दृष्टया तो कारगर कहा जा सकता है, मगर दूसरे स्तर पर वे कुछ देशों के लिए मुश्किल या फिर नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं।
तीन राज्यों में भाजपा की जीत अनायास नहीं है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा के मजबूत संगठन, बेहतर चुनावी प्रबंधन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्मा काम कर गया। भाजपा ने मध्य प्रदेश में प्रतिष्ठान विरोधी कारक को मात दी। वहीं कांग्रेस से उसके प्रमुख राज्य राजस्थान के साथ ही छत्तीसगढ़ को भी छीन लिया।
पिछले कुछ समय से कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया में कुछ खालिस्तान समर्थकों ने जिस तरह की हरकतें करनी शुरू कर दी हैं, उससे यही लगता है कि भारत में मनमानी करने में मिली हताशा को अब वे दूसरे देशों में अभिव्यक्त कर रहे हैं। मुश्किल यह है कि बाहर के देशों में कुछ वजहों से कानूनी जटिलताओं का फायदा उठा कर अब वे सार्वजनिक रूप से उच्चाधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार करने की कोशिश करने लगे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लिफ्ट से होने वाले हादसों को रोकने के मकसद से एक सख्त कानून लाने की बात कही है, मगर सबसे ज्यादा जरूरी लिफ्ट की गुणवत्ता, रखरखाव और उसके संचालन में हर स्तर पर सावधानी सुनिश्चित करने की है।
सिलक्यारा सुरंग के धंसने की यह घटना निश्चित रूप से सुरंग बनाने के काम में लगे विशेषज्ञों और कंपनियों के लिए एक सबक है। मगर इस पूरे घटनाक्रम में अच्छी बात यह रही कि राहत और बचाव के काम में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
यह ध्यान रखने की जरूरत है कि हिंसा में शामिल ज्यादातर समूह अब तक बातचीत के जरिए समस्या के समाधान संबंधी प्रयासों में शामिल नहीं हो सके हैं। इसलिए सरकार और एक उग्रवादी समूह के बीच बातचीत की कामयाबी इस पर निर्भर करेगी कि दूसरे गुट इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ और अमेरिकी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र यानी सीडीसी की ताजा रिपोर्ट में यह सामने आया है कि खसरे के टीकाकरण में पिछले कुछ वर्षों की गिरावट के बाद 2022 में इस रोग के मामलों में अठारह फीसद की बढ़ोतरी हुई है।























