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Suryakant Tripathi "Nirala" ki Kahaniyan wa Upanyas सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की कहानियाँ व उपन्यास
Suryakant Tripathi "Nirala" ki Kahaniyan wa Upanyas सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' की कहानियाँ व उपन्यास
Author: Sameer Goswami
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© Sameer Goswami
Description
निराला की रचनाओं में अनेक प्रकार के भाव पाए जाते हैं। उनकी रचनाओं में कहीं प्रेम की सघनता है, कहीं आध्यात्मिकता तो कहीं विपन्नों के प्रति सहानुभूति व सम्वेदना, कहीं देश-प्रेम का ज़ज़्बा तो कहीं सामाजिक रूढ़ियों का विरोध व कहीं प्रकृति के प्रति झलकता अनुराग। इलाहाबाद में पत्थर तोड़ती महिला पर लिखी उनकी कविता आज भी सामाजिक यथार्थ का एक आईना है। उनका ज़ोर वक्तव्य पर नहीं वरन् चित्रण पर था।
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एक तवायफ़ की संस्कारित, शिक्षित लड़की द्वारा विवाह कर, अपने आत्म सम्मान के साथ, सभ्य समाज में प्रवेश करने, और अपना स्थान व अधिकार प्राप्त करने की कहानी।
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ज़मींदार और पुलिस द्वारा मिलकर झूठी चोरी का प्रकरण बना, भय दिखा ग्रामीणों से रुपए ऐंठने के हथकण्डों की कहानी।
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