DiscoverDHADKANE MERI SUN
DHADKANE MERI SUN

DHADKANE MERI SUN

Author: Dr. Rajnish Kaushik

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Description

Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in every episode of this podcast . All the episodes of this podcast are solemnly dedicated to all the lovers just as the cycle of love never ends in the same way these love lyrics episode will move on, move on and move...
165 Episodes
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Waiting for you...

Waiting for you...

2026-10-1219:45

कहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है....
मेरी सांसों में रहती है  मगर आँखों से बहती है  मैं तुझ बिन जी नहीं सकता  धड़कने मेरी कहती हैं  जो मिल जायेंगे मैं और तुम  ज़मी जन्नत बनाऊंगा  अमीरी हो या फकीरी हो  सभी नखरे उठाऊंगा  ज़माने भर की हर रौनक  तेरे कदमो में लगाऊंगा  कहेंगे लोग पागल जो  गुज़र हद से भी जाऊँगा  मरे सीने से लग के बस  इतना सा ही कह दे तू  मैं तेरी हूँ  मै तेरी हूँ  मैं तेरी हूँ..........
Khwabon Ka Karvan

Khwabon Ka Karvan

2026-09-2417:02

Meri aankho me tairte hain Vo sare Khwab aaj bhi  Jo dekhe the haseen vakt ki panah me hamne  Socha tha ki nadi ki do dhar hain ham  door tk bahenge  Mil kr sagar me bhi sang hi rahenge  Magar sakhat vakt aur kudrat k ek prahar ne pahle dard diya fir juda kiya fir jivan ka naksh hi badal diya  Pal do pal sath chal hamara hr khwab kuchal diya.. ...aur fir.....ek yahan rah gaya-ek vahan chal diya...
तू वो ग़ज़ल है मेरी जिसमें तेरा होना तय है  तू वो नज्म है मेरी  जिसमें आज भी तेरी मौजूदगी तय है  इसलिये नहीं... कि...  तू मेरी दस्तरस में है  बल्कि इसलिये...कि... तू आज भी मेरी नस - नस में है  इसलिए हो चाहे ये कितना ही लंबा सफ़र  ना थकेगा ना रुकेगा ये कारवाँ  ना छूटेगी ये डगर  क्यों कि... तेरा मेरा है प्यार अमर.....।
Love in the rain

Love in the rain

2026-07-0545:12

भीगे लम्हों के इश्क़ का,   बस इतना सा फ़साना है l  मिलन लाज़िमी है दीवानों का,, मौसम तो एक बहाना है ll ...ये उन दिनों की बात है, जब बादलों की चादर ओढ़कर दिन रात यूं ही गुजर रहे थे, फिर हुआ यूं कि एक दिन एक शाम ऐसी भी आयी...जब मैं और वो यानि..... भीगे भीगे दो मन - दो बदन  बदन की वो अगन  जिंदगी की हर उलझन से दूर  जवानी में चूर  बारिश की मस्ती में मगन  सावन की वो पहली बारिश  बूँदों की वो मदभरी चुभन  होश खो चुके थे दो यौवन  जब गिर रहा था आसमाँ से  रिमझिम....वो सावन...
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