भारत की इंटेलिजेंस एजेंसी R&AW का शानदार जासूस जिसे आज भी भारत के सबसे बेहतरीन जासूसों में से एक माना जाता है. वो जिसकी जांबाज़ी से प्रभावित होकर खुद उस वक्त की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उसे ब्लैक टाइगर का नाम दिया था. वो जो पहचान बदलकर पाकिस्तान भी गया और फिर पाकिस्तान की सेना में शामिल भी हुआ. जिस वजह से भारत का शैतानी पड़ोसी अपने नापाक इरादों में नाकाम रहा. सुनिए इंडियन स्पाई रवींद्र कौशिक उर्फ द ब्लैक टाइगर की कहानी ‘नामी गिरामी’ में प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सचिन द्विवेदी
पिछले चार दशकों में छठ गीतों का पर्याय बन चुकीं शारदा सिन्हा संगीत के प्रति अंतिम सांस तक ईमानदार बने रहने की अनूठी मिसाल थीं. 'बिहार कोकिला' के नाम से मशहूर शारदा सिन्हा ने स्त्रियों के विरह और सुख-दुख को संगीतमय अभिव्यक्ति दी. मैथिली और भोजपुरी गीतों में उनका योगदान बेहद अनूठा रहा. सुनिए उनकी ज़िंदगी के छूए-अनछुए पहलू नामी गिरामी में. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउंड मिक्स- कपिल देव सिंह
इस लेखक ने अपने जीवन में बहुत लिखा. 20 नॉवल, 30 कहानी संग्रह, दर्जनों रेडियो नाटक और कुछ फिल्में भी. मगर उसका चमत्कार ये था कि इसने कहानियां, रेखाचित्र, संस्मरण, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, रोमांस, ट्रेजडी सब लिखा और सब शानदार. और दम तोड़ा तो भी लिखते लिखते. उनके लिखने के बारे में ही एक बार इस्मत चुग़ताई ने मंटो से कहा था- “मंटो मैं और तुम तो कूड़े के ढ़ेर उधेड़ते हैं, वो अपनी लाइनों से बेल बूटे टांकता है”. इस नामी गिरामी में कहानी सुनिए मशहूर लेखक कृष्ण चंदर की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: कपिल देव सिंह
दुनिया उसे हमास का नेता, फिलिस्तीनियों का मसीहा और ईरान का दोस्त मानती थी लेकिन याह्या सिनवार ख़ुद को इज़रायल का विनाशक मानता था. इस एपिसोड में जानेंगे याह्या सिनवार के बारे में, जिसने अपनी जवानी के ज़्यादातर साल इज़रायल की जेलों में बिताए. उसी ने इज़रायल पर अब तक के सबसे बड़े हमले की योजना बनाई, और इज़रायल की सेना जिसे शैतान का चेहरा मानती थी. सुनिए 'नामी गिरामी' में उसकी ज़िंदगी के किस्से. प्रड्यूसर - कुंदन साउंड मिक्सिंग - कपिल देव सिंह
शोमैन राज कपूर, ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार और स्टाइल स्टेटमेंट देव आनंद की सीरियस एक्टिंग के दौर में किसे पता था कि भारतीय सिनेमाघरों से ‘याहू’ की आवाज़ उठने लगेगी. किसे पता था कि इन दिग्गज एक्टर्स को चुनौती देता एक थिरकता, उछलता, कूदता सितारा सबके दिलों पर यूं छाएगा जैसे कोई ‘दीवाना बादल’ हो. किसे पता था कि आसमान से आया फरिश्ता प्यार के पैगाम के साथ साथ भारतीय सिनेमा में वेस्टर्न स्टाइल डांस का तड़का लगा देगा और कहलाएगा भारत का एल्विस प्रेस्ली. ‘नामी गिरामी’ के इस एपिसोड में सुनिए कहानी शम्मी कपूर की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: कपिल देव सिंह
भारतीयों की एक पूरी पीढ़ी गुज़री है जिसने अक्सर एक दौर में अमीरी और समृद्धि का पर्याय टाटा नाम के सरनेम को माना है. मगर एक टाटा परिवार का एक वंशज ऐसा भी था जिसने टाटा के फ्लोर पर काम भी किया और फिर उसी फ्लोर पर राज भी किया. नैनो और इंडिका जैसी कारों को बनाया, तो जैगुआर जैसे कार कंपनियों का अधिग्रहण भी किया. ‘नामी गिरामी’ के इस एपिसोड में कहानी मशहूर उद्योगपति रतन टाटा की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सचिन द्विवेदी
हरियाणा के चार बार मुख्यमंत्री रहे चौधरी बंसीलाल के बारे में आम लोगों की मिली-जुली धारणा है. बंसीलाल अपने राजनीतिक कार्यकाल में कई कारणों से मशहूर रहे. राज्य में नहरों का जाल बिछाने, पूरे प्रदेश में बिजली की व्यवस्था और गांव-गांव सड़कें पहुंचाने वाले बंसीलाल पर कुंवारे लड़कों की जबरन नसबंदी का आरोप भी लगा. बंसीलाल को देवीलाल ने हथकड़ी पहनाकर खुली हुई पुलिस-जीप में हरियाणा की सड़कों पर क्यों घुमाया? उन्हें अपनी चुगलियों को जानने में विशेष रूचि क्यों थी? गांधी परिवार के प्रति वफादारी का उन्हें क्या-क्या इनाम मिला? विकास पुरुष कहे जाने वाले बंसीलाल कैसे तानाशाह हो गए? कैसे बंसीलाल ने BJP की मदद से सरकार तो बनाई लेकिन उनकी सरकार बचाई कांग्रेस ने? सुनिए चौधरी बंसीलाल के जीवन के दिलचस्प किस्से 'नामी गिरामी' में.
किसी कवि की रचना कितनी महान है यूं तो इसके कई मापदंड है. मगर उन में से एक बड़ा फैक्टर है पल पल गुज़रता वक्त. यानि अगर कोई रचना बीतते सालों के साथ भी उतनी ही प्रासंगिक बनी रहे जितनी वो पहले थी. तो कई विद्वान उसे महान की श्रेणी में रखते हैं. मराठी भाषा में संत तुकाराम की कविताओं और रचनाओं को महान कहा जाने का एक बड़ा कारण यही है. संत तुकाराम की रचनाओं को इतिहासकार 400 साल से पुराना मानते हैं मगर आज भी ये मराठी साहित्य का एक अभिन्न अंग है. आज भी महाराष्ट्र के छोटे छोटे गांवों में मसाला कूटती, खाना बनाती महिलाओं को संत तुकाराम की कविताएं गाते सुना जा सकता है. मगर इन कविताओं की रेंज इतनी ज्यादा है कि जहां एक तरफ ये जनसाधारण के लिए इतनी प्रचलित हैं. वहीं दूसरी तरफ भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कई पत्रों में इनका ज़िक्र मिलता है. सुनिए कहानी इन्ही संत तुकाराम की ‘नामी गिरामी’ में.
यह कहानी उस समय की है जब देश अंग्रेज़ों के अधीन था, लेकिन आज़ादी की चाह बढ़ रही थी। 1928 में हरियाणा के मोगा में लाला लाजपत राय के भाषण को सुनकर एक 16 साल के लड़के ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने का निर्णय लिया. पढ़ाई छोड़कर जेल में समय बिताया और फिर देश बदलने की चाहत से राजनीति में आकर छा गया. ऐसा छाया कि पहले हरियाणा को अलग राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और फिर उसी हरियाणा का दो बार मुख्यमंत्री रहा. मगर ये उस नेता कि ज़िंदगी का महज़ एक परिचय है. सुनिए भारत के छठवें उपप्रधानमंत्री की पूरी कहानी नामी गिरामी के इस एपिसोड में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: कपिल देव सिंह
JNU की छात्र राजनीति से हुई जिसके राजनीतिक जीवन की शुरुआत, 5 भाषाओं में पकड़ ऐसी कि जिसको चाहे अपना बना लें, एक ऐसा क्रांतिकारी कॉमरेड जिसने इंदिरा गांधी से मांगा इस्तीफा, जो कांग्रेस की सरकार में बनकर रहा लेफ्ट की आवाज़ और जिसके भाषण अक्सर दिलाते है संसदीय परंपराओं की याद. सुनिए कहानी भारतीय राजनीति के मशहूर कॉमरेड सीताराम येचुरी की ‘नामी गिरामी’ में. प्रड्यूसर: अतुल तिवारी साउंड मिक्स: कपिल देव सिंह
दुनिया के किसी कोने में जब भी महान लेखकों की बात होती है कुछ नाम हर जगह मुंह पर सबसे पहले आते हैं, लियो टॉल्स्टॉय उन्हीं में से एक हैं. टॉल्स्टॉय का लिखा सबकुछ बार-बार पढ़ने लायक है. रूस के इस लेखक से दुनिया के कई नेता प्रेरणा लेते हैं, गांधी उनमें से एक थे. उन्हें कई बार नोबल के नॉमिनेट किया गया लेकिन टॉल्स्टॉय ख़ुद इसके ख़िलाफ़ थे. कुछ सवालों ने उन्हें ज़िंदगीभर परेशान किया, जिसके पीछे वो लगातार भागते रहते थे, सुनिए उनकी कहानी ‘नामी गिरामी’ में. प्रड्यूसर- कुंदन साउंड मिक्स- नितिन रावत
“राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है” और “मंडल कमीशन हाय हाय”. ये दो नारे देश में अलग अलग दौर में, मगर एक ही इंसान के लिए लगे. बस एक बार वो सत्ता से लड़ रहा था, और एक बार वो खुद सत्ता में था. नामी गिरामी के इस एपिसोड में सुनिए कहानी इंदिरा को मेंटर मानने वाले, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम, मांडा रियासत के राजा और भारत के 7वें प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी
देश में जब जब शहनाई का नाम लिया जाता है...नाम लिया जाता है बिस्मिल्लाह खां का. बिहार के डुमरांव में जन्में बिस्मिल्लाह ने कैसे शादियों में बजने वाले वाद्य यंत्र को दुनिया भर में ख्याति का पात्र बनाया? कान्हा ने बिस्मिल्लाह को कौनसा राग सिखाया? बनारस के घाट से उनके प्यार की क्या पराकाष्ठा रही? सुनिए नामी गिरामी में जमशेद क़मर सिद्दीकी से. प्रड्यूसर: चेतना काला साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी.
एक लेखक जिसने ज़िद करके भारतीय टीवी जगत का सबसे पॉपुलर शो महाभारत लिखा, गरीब मुसलमानों का 'आधा गांव ' में मार्मिक चित्रण किया, लम्हे और गोलमाल समेत कई फिल्मों में शानदार डायलॉग लिखे, और उसूलों पर अड़कर अपने पिता के खिलाफ़ कम्युनिस्ट कैंडिडेट को चुनाव लड़वाया. सुनिए कहानी मशहूर लेखक और डायलॉग राइटर 'राही मासूम रज़ा' की ‘नामी गिरामी’ में. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
आज नामी गिरामी में सुनिए कहानी उस शख्स की जिसने देखा बंगाल के औद्योगीकरण का सपना, जिसे संसद में कहा गया बेस्ट सीएम, जो नाटककार थे, कवि थे, गायक थे और भद्रलोक के भद्रपुरुष के नाम से मशहूर बंगाल की राजनीति में चर्चित भी थे. सुनिए कहानी बुद्धदेव भट्टाचार्या की. साउंड मिक्सिंग - कपिल देव सिंह
पिता से मिले क्रिकेट के पैशन को लेकर जिस खिलाड़ी ने दी भारतीय टेस्ट को शानदार पारी, अपने संयमित खेल और हिम्मती टेक्नीक के कारण जिसे कहा गया ‘Gutsy’ और ‘Great wall’, कैरिबियन तेज़ गेंदबाजों की खतरनाक गेंदो को झेलकर भी जिसने साबित किया अपना हुनर और वो खिलाड़ी जो मैच फिक्सिंग के तूफान के बीच साबित हुआ इंडियन टीम का लाइटहाउस. नामी गिरामी में आज सुनिए कहानी मशहूर इंडियन क्रिकेटर, नेशनल सिलेक्टर और कोच अंशुमान गायकवाड की. साउंड मिक्स- कपिल देव सिंह
फरवरी की ठंड में भूरे, बेजान, पत्ते चरमराते हुए शाख डाल से टूट रहे हैं. देश की जनता इंतज़ार में हैं, इंतज़ार सूरज की गर्म किरणों का, नई कोंपलों के फूटने का, सर्द रातों के अंत का. नेहरू और शास्त्री को गंवाने के बाद निगाहें इंदिरा पर हैं. 1967, रायबरेली में प्रचार करती इंदिरा. इंदिरा, जिन्हें अभी कुछ वक़्त पहले ही लोहिया ने संसद में गूंगी गुड़िया माना.... खत लिख रहीं हैं. ये खत लंदन में बैठे उस व्यक्ति के नाम लिखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में इंदिरा की राजनीति को आकार देने वाले हैं. वो शख्सियत जो खामोश इंदिरा को पाकिस्तान से लोहा लेने वाली दुर्गा बनाने वाले हैं. ये कहानी है भारत के सबसे प्रभावशाली नौकरशाह परमेश्वर नारायण हक्सर की. सुनिए सिर्फ 'नामी गिरामी' में प्रड्यूसर: चेतना काला साउन्ड मिक्सिंग: कपिल देव सिंह
'पूर्वी' गीत-शैली के बादशाह, लोक-रंगकर्मी भिखारी ठाकुर के गुरु, क्रांतिकारी और कवि महेंदर मिसिर को समाज ने क्यों भुला दिया? महेंदर मिसिर की गायकी में वह क्या खूबियां थी कि जिसके लिए तवायफों ने अपने गहने उतार दिए? एक कवि-गायक को नकली नोट क्यों छापने पड़े? सुनिए महेंदर मिसिर के जीवन के लगभग सभी पहलूओं को 'नामी गिरामी' में.
सर गंगाराम जिन्हें Father of Modern Lahore कहा गया, गंगा राम सिर्फ और सिर्फ़ इमारत और शहर बनाने में रूची नहीं रखते थे, उनका मकसद था वो बेहतर समाज बनाए. समाज सेवा के काम के लिए अंग्रेज़ी हुकूमत ने पहले उन्हें राय बहादुर का खिताब दिया और फिर ‘सर’ की उपाधी दी, सुनिए उनकी कहानी ‘नामी गिरामी’ में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से. प्रोड्यूसर- कुंदन साउंड मिक्स- कपिल देव सिंह
देश की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानि रॉ (RAW) के पहले प्रमुख आर. एन. काव (RN Kao) आज़ादी से लेकर IB के गठन, 1971 युद्ध, RAW के गठन, इंदिरा गांधी की हत्या जैसी घटनाओं के प्रत्यक्ष गवाह थे. काव के दिमाग और कुशल रणनीति की वजह से ही भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को एक अलग पहचान और कामयाबी मिली. दुनियाभर में भारत के मास्टरस्पाई के नाम से मशहूर RN Kao की दिलचस्प कहानी, सुनिए 'नामी गिरामी' के इस एपिसोड में. प्रड्यूस: अतुल तिवारी साउंड मिक्सिंग: सचिन द्विवेदी