Padhaku Nitin

Padhaku Nitin is a casual and long conversation-based podcast where Aaj Tak Radio host Nitin talks to experts and discuss a wide range of topics like history, war, politics, policy, ideologies, cinema, travelling, sports, nature and everything that is interesting. A single episode of the show can be as enriching as reading four books. As we say in the podcast,Chaar kitaabe padhne jitna gyaan milega Padhaku Nitin mein.<br /><br />कब कोई हक़ीक़त से मिथक बन जाता है? क्यों कोई कहानी सदियाँ पार करके हमारे सिरहाने आ बैठती है? कुछ नाम तो इंसानों की कलेक्टिव मेमोरी का हमेशा के लिए हिस्सा बन जाते हैं लेकिन पूरी की पूरी सभ्यता चुपचाप कैसे मिट जाती है?<br /><br />भाषा के ग्रामर से मिले कब, क्यों, कैसे, कहां, किसने ऐसे शब्द हैं जो सेंटेंस में जुड़ जाएँ तो सवाल पैदा करते हैं और सवालों के बारे में आइंस्टीन ने कहा था- The important thing is not to stop questioning. पढ़ाकू नितिन ऐसा ही पॉडकास्ट है जिसमें किसी टॉपिक का रेशा रेशा खुलने तक हम सवाल पूछने से थकते नहीं.

Dubai Plane Crash का सच, Fighter Jets की दुनिया और LCA Tejas बेचने की जल्दी! : पढ़ाकू नितिन

21 नवंबर 2025 की दोपहर दुबई के मकतूम एयरपोर्ट से कुछ ख़बरें-विज़ुअल्स आए जिन्होंने भारतीयों का ध्यान ख़ींचा. ख़बर थी दुबई के एयरशो के दौरान हुए एक भारतीय फाइटर प्लेन तेजस के क्रैश होने की. तुरंत उभरी चिंता, दुख में तब बदली जब ये मालूम हुआ कि पायलट विंग कमांडर नमांश स्याल ने इस क्रैश में अपनी जान भी गंवाई. लेकिन बात सिर्फ़ दुख की नहीं थी, चिंता के विषय और भी हैं. क्योंकि न सिर्फ़ तेजस Indian Air Force का Indispensable हिस्सा है, बल्कि हम इस प्लेन को Export करने की दिशा में भी तेज़ी से काम कर रहे थे. तो Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में हमने बात शुरू की इसी Crash से. समझा कि आखिर भारत दुबई के इस एयरशो में करने क्या गया था? समझा कि तेजस क्रैश की जांच किस तरह से आगे बढ़ रही है? कौन जांच करेगा? कैसे करेगा? और ये भी कि आखिर कोई प्लेन क्रैश क्यों होता है? और ये भी कि भारतीय जेट के क्रैश होने पर पाकिस्तान में मीम्स क्यों बन रहे हैं? हमारे मेहमान हैं सीनियर डिफेंस जर्नलिस्ट संदीप उन्नीथन. इन्हें आप जानते ही हैं. एपिसोड पूरा सुनिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावतसाउंड मिक्स: रोहन भारती

11-28
49:50

उन्मुक्त चंद को विराट कोहली ने दी साइकिल, पापा ने नाप दी दुनिया! : पढ़ाकू नितिन

‘पढ़ाकू नितिन’ के इस एपिसोड में हम किताबी कीड़ों से हटकर एक असली घुमक्कड़ से मिल रहे हैं, जो खुद को टूरिस्ट नहीं, यात्री कहते हैं. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं साइक्लिस्ट और घुमक्कड़ भरत चंद ठाकुर. इन्होंने साइकिल से श्रीलंका को नाप डाला, दिल्ली से मुंबई तक सैर की, दुनिया के सबसे ऊंचे हाईवे में से एक पामीर हाईवे होते हुए ताजिकिस्तान को पार किया, भूटान को साइकिल पर घूम डाला और मनाली-लेह-लद्दाख भी हो आए. और सबसे मज़े की बात ये है कि अपनी साइक्लिंग की शुरुआत इन्होंने अपने बेटे की साइकिल से की थी, वो साइकिल जो विराट कोहली ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने पर उनके बेटे उन्मुक्त चंद को गिफ्ट की थी! जी हां, ये सज्जन न सिर्फ़ यात्री और टीचर हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे उन्मुक्त चंद के पिता भी हैं. बस पॉडकास्ट पूरा देखिएगा और Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्सिंग: सूरज सिंह

11-27
01:11:05

PM Modi, Nitish Kumar से लेकर Chirag Paswan तक की पॉलिटिक्स समझा गए Rajdeep Sardesai! : पढ़ाकू नितिन

इस बिहार चुनाव ने न जाने कितनों को चौंकाया! हुआ यूं कि Exit Polls के रुझानों में जो हवा, महागठबंधन के पक्ष में बन रही थी. वो असली नतीज़ों से आते ही हवा हो गई. जीत हुई NDA की और बिहार के नए सीएम बने, बिहार के पुराने सीएम नीतीश कुमार. लेकिन Exit Polls के आने से भी पहले से एक आवाज़ थी, जिसने नतीजों की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी. ये आवाज़ थी 1988 से चुनावों को देख समझ और ओढ़-बिछा रहे सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई की. आपने उन्हें टीवी और सोशल मीडिया पर खूब देखा होगा, लेकिन इस बात का वादा है कि इस पॉडकास्ट में आपको वो एक नए अंदाज़ में ही बात करते नज़र आएंगे. पढ़ाकू नितिन में हमने उनसे पूछा कि जब वो बिहार चुनाव की रिपोर्टिंग के लिए ग्राउंड पर उतरे तो क्या चुन कर लाए? उनसे समझा कि आखिर ऐसा क्या है कि पिछले कुछ सालों से नीतीश कुमार जिसकी गाड़ी में बैठते हैं, वही फर्स्ट आती है? ये भी समझा कि नीतीश के अलावा NDA में मौजूद BJP और LJP का प्रदर्शन किस हद तक चौंकाने वाला रहा? बात सिर्फ़ जीतने वालों पर ही नहीं हुई समझा महागठबंधन के मुखिया तेजस्वी यादव इस बार के चुनाव में क्यों चूके? और ये भी पूछा कि आख़िर Prashant Kishor का भविष्य बिहार की राजनीति में राजदीप को कैसा दिखता है? बहुत मज़ा आएगा. गारंटी है. बस पॉडकास्ट पूरा सुनिएगा प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

11-21
01:25:35

Pakistan की ट्रेनिंग से बना Taliban, उसी को क्यों तबाह करना चाहता है?: पढ़ाकू नितिन

भारत ने हाल ही में अपनी राजधानी दिल्ली में एक भयानक विस्फोट देखा। आप सभी ने इसकी खबरें जरूर सुनी-पढ़ी होंगी। इसके मात्र एक-दो दिन बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी एक घातक बम धमाका हुआ जिसमें 12 लोग मारे गए और 20 घायल हो गए। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस हमले का जिम्मेदार सीधे काबुल को ठहराया और कहा कि अब अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच जंग सिर्फ डूरंड लाइन तक सीमित नहीं रही। इस हमले का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ठीक कुछ दिन पहले ही इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता असफल हो चुकी थी। याद कीजिए, जब अफगान तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे, उसी दौरान भी खबरें थीं कि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर बम बरसा रहा है। तो आज के पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारा पूरा फोकस पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रहेगा। हम समझेंगे कि दोनों इस्लामिक देशों के बीच बॉर्डर पर हालात इतने बिगड़े क्यों हैं? असल विवाद क्या है? हाल ही में अफगानिस्तान ने ईरान के साथ जिस तरह की ट्रेड डील की है, उससे भी पाकिस्तान काफी बौखलाया हुआ है। हम साउथ एशिया में इन दोनों पड़ोसियों के बीच बदलते समीकरण को भी डीकोड करेंगे। और ये भी जानेंगे कि आखिर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस धमाके को भारत से क्यों जोड़ा? चूंकि पूरा मसला बॉर्डर का है, इसलिए हमारे साथ हैं साउथ एशियन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस और खासतौर पर बॉर्डर स्टडीज पढ़ाने वाले प्रोफेसर धनंजय त्रिपाठी। एपिसोड को अंत तक सुनिए और Aajtak Radio को सब्सक्राइब करना न भूलें। प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

11-18
57:37

Zubeen Garg को मारने की धमकी किसने दी थी, Singer का Fan क्यों है पूरा Assam?: पढ़ाकू नितिन

असमिया सिंगर और म्यूज़िशियन ज़ुबिन गर्ग की मौत को लेकर जनता के दिल में सिर्फ़ शोक नहीं, क्षोभ भी है. कारण है वो रहस्यमयी हालात जिनमें उनकी मृत्यु हुई और वो Questionable तरीका जिस तरह से उनकी मृत्यु की Investigation की गई. 19 सितंबर 2025 में हुई ज़ुबिन की मौत जहां पहले हादसा लगी, फिर साज़िश और अब इस साज़िश में शामिल हो चुकी हैं कई और परतें. इन्हीं परतों को आज खोलेंगे. समझेंगे कि आखिर Zubeen Garg असम के लिए कौन थे, 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में Exactly हुआ क्या था? क्या कुछ लोग हैं जो इस केस के सॉल्व होने में बाधा बन रहे हैं? वहीं ज़ुबिन जिन्होंने गाया पॉलिटिक्स नोकोरिबा बोन्धू…. उन्हीं की मौत पर राजनीति क्यों हो रही है? इस एपिसोड में हमारे साथ हैं India Today NE को संभालने वाले… साथ ही India Today Magazine के Managing Editor Kaushik Deka.. जिन्होंने न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी के कई साल ज़ुबिन गर्ग के साथ बिताए.. बल्कि वो उन चंद लोगों में से हैं जो ज़ुबिन के जाने के बाद भी लगातार उनके केस पर लिख रहे हैं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: रोहन भारती

11-13
01:01:08

Zohran Mamdani की जीत क्यों चाहते थे US President Donald Trump?: Padhaku Nitin

New York City.. अगर आप अमेरिकी Sitcoms के शौकीन रहे हैं तो इस नाम और इसकी लंबी लंबी इमारतों से वाकिफ़ होंगे. इस बड़े से शहर में Times Square से लेकर Wall Street भी है, लेकिन पिछले हफ़्ते ये शहर अपने Mayoral Elections के लिए चर्चाओं में रहा. इसी Election में जीत दर्ज की Indian Filmmaker Mira Nair के बेटे ज़ोहरान ममदानी ने. अब इंडियन जड़ों वाले ममदानी ने न सिर्फ़ अपनी विनिंग स्पीच में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कोट किया, आखिर में धूम मचाले धूम के संगीत पर झूमे. बल्कि उसी मंच से उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ललकारा. भारत में उनकी वीडियोज़ खूब वायरल हो रही हैं. उन पर एक एपिसोड हम पहले भी कर चुके हैं. लेकिन इस पॉडकास्ट में बात करेंगे कि जिन मुद्दों पर ज़ोहरान जीत पाए, उन्हें अंजाम तक पहुंचाना कितना Practical है? ट्रंप, ज़ोहरान ममदानी से चिढ़ते क्यों है? और आखिर New York City में पिछले 100 सालों में एक भी Republican क्यों नहीं जीत पाया? हमने पूछे ये सभी सवाल Washington DC में रहने वाले Journalist Rohit Sharma के साथ. पूरा पॉडकास्ट सुनिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह

11-12
01:09:14

Bihar में घूम रहे Journalists ने समझाया सीमांचल का गणित! पढ़ाकू नितिन, Bihar Election 2025 Special

Padhaku Nitin के इस एपिसोड में हमने खोला Bihar Election 2025 की परतों को … समझा कि आखिर बिहार चुनाव 2025 में कौन से मुद्दे सबसे ज़्यादा अहम साबित हो सकते हैं ग्राउंड पर? जनता के लिए क्या है Non-negotiable? आपसी गठबंधन में अंदरखाने क्या Insecurities हैं? तीन बड़े फोर्सेज़ जो नज़र आ रहे हैं, वो कहां कहां मात खा रहे हैं? बात की बिहार के Socio Economic Structure की भी, ताकि मुद्दों को बेहतरी से समझ पाएं और बात की जंगलराज और बाहुबल की राजनीति की भी. बिहार से जोड़े गए दो लोग. पहले, Political Economist Pushpendra और दूसरे India Today Magazine के लिए लिखने वाले और बिहार की राजनीति पर पकड़ रखने वाले Pushyamitra. दोनों ही ग्राउंड पर हैं. लगातार लोगों से मिल रहे हैं, रैलियां देखकर रहे हैं. तो बिहार चुनाव में हमारे संजय तो यहीं हैं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह

11-06
01:33:28

KC Tyagi ने सुनाए Fidel Castro और Yasser Arafat से मुलाक़ात के क़िस्से| Padhaku Nitin World Affairs

9 अक्टूबर, 2025 को फ़िलिस्तीन इज़रायल के बीच Egypt में Ceasefire deal साइन हुई. अगले ही दिन इज़रायली कैबिनेट ने इसे पास किया. हालांकि वो अलग बात है, कि उसके बाद भी वहां Israeli Airstrike की ख़बरें फिर आईं. अब गाज़ा से ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जहां लोग बड़ी संख्या में अपने घर लौट रहे हैं. लेकिन घरों के नाम पर वहां बचा है मलबा. बड़ी दिक्कत ये है कि उन्हें इसी मलबे को पहचानकर पता लगाना है, कि हां यहां उनका घर था. यहां उनका पड़ोस. कईयों को तो उसी मलबे में दबे अपने परिवार भी ढूंढने पड़ रहे हैं.. ये दृश्य सोचने पर मजबूर तो करते हैं कि आखिर ये मसला यहां तक पहुंचा कैसे? ज़रूरत महसूस होती है गाज़ा के पूरे Crisis की तरफ़ दो कदम पीछे हटकर देखने की और क्या ये सीज़फायर जो इससे पहले भी इतनी दफ़ा हुआ, फिर ब्रेक हुआ. क्या वो अब Survive कर पाएगा? लेकिन इस बार फिलिस्तीन के मुद्दे पर बात करने के लिए कोई प्रोफेसर या कोई डिप्लोमेट नहीं आए हैं. इस बार पढ़ाकू नितिन World Affairs में हमारे मेहमान हैं, KC Tyagi. जिन्हें ज़्यादातर लोग समाजवादी आंदोलन के बड़े नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद के तौर पर जानते हैं. लेकिन वो फिलिस्तीन के हक में बात करने वाले International Institution League of Parliamentarian for Al-quds and Palestine के मेंबर भी हैं. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

11-04
57:52

Indian Ocean का खेल, चीन की हैरतअंगेज़ Navy और Indian Navy की सबसे बड़ी दिक्कत!: पढ़ाकू नितिन

जिस देश की Navy जितनी ताकतवर होगी, उसका सागरों पर जितना कंट्रोल होगा. यही है मेहैनियन डोक्टरीन. इसी डोक्टरीन पर चलता नज़र आ रहा है हमारा पड़ोसी चीन. जिसने 2010 के बाद से अपनी नेवी की ताकत बढ़ाने की रफ्तार इस कदर पकड़ी की आज चीन हर पांच साल में उतनी बड़ी नेवी खड़ी कर सकता है, जितनी भारत के पास मौजूदा वक्त पर है. चिंता वाली बात ये है- कि इतनी बड़ी नेवी के साथ वो सिर्फ़ साउथ चाइना सी तक तो महदूद नहीं रहने वाला? क्या उसका Influence Indian Ocean में भी बढ़ रहा है? या बढ़ेगा? तो हमने सोचा कि आपके चहीते Senior Defence Journalist Sandeep Unnithan को फिर दावत दी जाए. और उनसे समझा जाए कि Indian Ocean के Power Dynamics फिलहाल किस तरह के हैं? भारतीय नेवी चीन के सामने कहां स्टैंड करती हैं? Indian Ocean में आधिपत्य बनाने के लिए भारत क्या कर रहा है? अगर Indian Navy ताकतवर है तो क्या कारण हैं? अगर कमज़ोर है तो क्या कारण हैं? क्या पानी में लड़ने की Tactics बदल जाती हैं? हथियार किस तरह बदल जाते हैं? और Indian Ocean में भविष्य में क्या खेल देखने को मिल सकता है? आप जल्दी से आजतक रेडियो को Subscribe कर लीजिए. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

10-30
01:11:57

Nobel Peace Prize जीतने वाले Venezuela पर बम बरसने वाले हैं? : पढ़ाकू नितिन

यूं तो हर बीतते पल के साथ देश-दुनिया में कुछ न कुछ घटता है. मगर इन्हीं में कुछ घटनाएं ऐतिहासिक तब बन जाती हैं जब उनसे प्रभावित होने वालों का आंकड़ा सैंकड़ों में हो. इन्हीं में से एक घटना थी 9/11. दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक. एक तरफ़ जहां इस घटना ने मानवता को झंझोड़ा, दूसरी तरफ़ ये घटना Geopolitics के लिहाज़ से काफ़ी निर्णायक साबित हुई. इस हमले के आरोपी ओसामा बिन लादेन के सिर पर 25 मिलियन यानि करीब 210 करोड़ का इनाम रखा गया था. लेकिन हाल ही में अमेरिका ने एक देश के राष्ट्रपति के सिर पर इससे दोगुना इनाम रखा, 420 करोड़ या कहें कि 50 मिलियन डॉलर. इतना ही नहीं, अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने CIA को इस देश में Covert Operation Conduct करने की परमिशन दी. दूसरी ओर दुनिया का सबसे बड़ा Aircraft Carrier USS Gerald Ford भी इस देश की दहलीज़ पर खड़ा कर दिया है. ये देश न तो दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है. न सबसे बड़ा हथियारों का सप्लायर. न ही इस देश पर आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है. लेकिन फिर भी इस देश में अमेरिका अपनी फौज़ उतारने पर उतारू है. ये देश है Venezuela. Padhaku Nitin World Affairs के इस एपिसोड में बात इसी पर होगी. हमारे साथ हैं प्रतिष्ठित Think Tank Observer Research Foundation से जुड़े Geopolitical Analyst Vivek Mishra. जिनसे हमने पूछा कि आखिर Venezuela में घट क्या रहा है? ट्रंप इस देश के राष्ट्रपति से इतने चिढ़े हुए क्यों है? अमेरिका कैरिबियन सी में सितंबर से अबतक 10 नावों को क्यों बम से उड़ा चुका है? और वेनेज़ुएला के इस राष्ट्रपति को अमेरिका 2019 के बाद से राष्ट्रपति न कहकर Drug Kingpin क्यों कहता है? Subscribe कर लीजिए आजतक रेडियो के यूट्यूब चैनल को ताकि ऐसे और मज़ेदार एपिसोड आप तक तुरंत पहुंचे. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

10-28
58:43

काले ताज महल, गुंबद और 22 कमरों के राज़ का खुलासा! : पढ़ाकू नितिन

ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं. मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. ये दूसरा वाला है. प्यार भी दोगुना दीजिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह

10-24
01:15:54

Taj Mahal पर लगे कलश, त्रिशूल और कमल के पीछे का पूरा सच क्या है?: पढ़ाकू नितिन

ताज महल का अगर Architectural पहलू हटा दें. तो उसकी दो इमेज हैं. एक शकील बदायूंनी का शेर है- एक शहंशाह ने बनवा के ताज महल… पूरी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है. जबकि दूसरी तरफ़ साहिर लुधियानवी लिखते हैं कि- ये चमन-ज़ार ये जमुना का किनारा ये महल….ये मुनक़्क़श दर ओ दीवार ये मेहराब ये ताक़… इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर….हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़…मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से... इसी ताज महल को लेकर एक विवाद फिर उठा है. जब एक फिल्म का ट्रेलर सामने आया. फिल्म एक बारगी देखने पर कोर्टरूम ड्रामा मालूम होती है, मगर इस फिल्म का केंद्र दरअसल ताज महल है और फिल्म का नाम The Taj Story. एक लाइन में कहें तो फिल्म वो सवाल उठाती है जो कई सालों के ताज महल के संदर्भ में उठता रहा है. क्या ताज महल दरअसल तेजो महालय था? यानि एक शिव मंदिर? क्या हमें पढ़ाया गया इतिहास झूठा है? इस तेजो महालय वाली थ्योरी के सेंटर में कौनसे तर्क हैं? क्या है उन 22 कमरों का रहस्य जो ताज महल के नीचे मौजूद हैं? इतने सारे दावों के बीच एक दावा पक्का है- इन सवालों के जवाब देने के लिए जो प्रोफेसर साहब हमारे मेहमान हैं, वो ताज महल पर बात करने के लिए सबसे मुफ़ीद नाम हैं. मध्यकालीन इतिहास पर लेक्चर देने के लिए लंदन से पेरिस तक बुलाए जाने वाले, 50 से ज़्यादा Research papers और 2 किताबें लिखने वाले, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के Centre of Advanced Studies, History Department के चेयरमैन रह चुके और इससे पहले हमारे एपिसोड नंबर 44 में शिरकत करने वाले Professor सैयद अली नदीम रिज़वी. एपिसोड दो पार्ट में रिलीज़ कर रहे हैं. प्यार भी दोगुना दीजिएगा. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: सूरज सिंह

10-23
55:59

Deoband का आज़ादी की लड़ाई, भारत-पाक बंटवारे और तालिबान के बनने में है क्या Role?: Padhaku Nitin

सोशल मीडिया पर कुछ दिन से अचानक अफ़ग़ानिस्तान Trend करने लगा है. कारण? तालिबान सरकार के Acting Foreign Minister Amir Khan Muttaqi का भारत दौरा. यूं तो इस दौरान कई चर्चाओं ने जन्म लिया. मगर गौर करने वाली बात ये है कि वो यूपी के एक शहर देवबंद गए. जहां एक बहुत बड़े हुजूम ने उनका स्वागत किया. ये शहर देवबंद था. मगर देवबंद और तालिबान के बीच में कनेक्शन क्या है? और उससे भी ज़रूरी बात ये देवबंद में ऐसा ख़ास क्या है? पढ़ाकू नितिन के इस एपिसोड में हमने इन्हीं सवालों के जवाब मांगे असद मिर्ज़ा से. देवबंद पर किताब- Demystifying Madrasah And Deobandi Islam लिखने वाले असद मिर्ज़ा साहब. दुबई के खलीज टाइम्स, BBC Urdu में सेवाएं दे चुके हैं. और इस एपिसोड में हमने उनसे देवबंद.. वहां पनपे इस्लाम और उसके तालिबान से रिश्ते पर बात की. प्रड्यूसर: मानव देव रावत साउंड मिक्स: अमन पाल

10-16
01:13:26

Amir Khan Muttaqi का दौरा, Taliban की स्वीकार्यता और महिला विरोधी Press Conference: पढ़ाकू नितिन

अफ़ग़ानिस्तान… एक ऐसा देश जो हमेशा से रणनीति और ताक़त के खेल का मैदान रहा है. चार साल पहले जब तालिबान ने सत्ता संभाली, भारत ने उसे मान्यता तो नहीं दी, लेकिन रिश्तों के दरवाज़े भी पूरी तरह बंद नहीं किए और अब, वही तालिबान दिल्ली में कूटनीति की मेज़ पर बैठा है. क्या ये बातचीत सिर्फ़ एक ज़रूरी कदम है या भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा हितों के लिए एक बड़ा मोड़? इसी बीच, अफ़ग़ान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताक़ी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक भी महिला पत्रकार को जगह नहीं मिली, जिससे लोकतंत्र और समानता के हमारे मूल्यों पर भी सवाल उठे. बाद में एक दूसरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस रखी गई, जिसमें महिला पत्रकारों को आगे बैठाया गया, इन्हीं में से एक थीं गीता मोहन, इंडिया टुडे ग्रुप की फॉरन अफ़ेयर्स एडिटर जो इस बार 'पढ़ाकू नितिन' की मेहमान हैं.

10-14
55:45

Nitish Kumar, Lalu, Prashant Kishore और Akhilesh Yadav पर क्या बोले JDU नेता KC Tyagi? : पढ़ाकू नितिन

इस साल जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल पूरे हुए. साथ ही भारतीय समाजवादी आंदोलन के भी 90 साल पूरे हुए. समाजवादी विचारधारा से उपजे आंदोलन ने भारत को इतना कुछ दिया है कि उंगलियों पर गिन पाना शायद मुश्किल हो. इसी आंदोलन ने भारत को वो नेता भी दिए जिन्होंने आगे चलकर केंद्र और राज्यों की राजनीति में अहम रोल निभाया. तो हमने सोचा कि ज़रा ठहर कर समझते हैं कि ये विचारधारा जिसे दुनियाभर के कई देशों ने अपनाया. उसे भारत ने किस तरह आत्मसात किया? क्यों Socialist शब्द संविधान की मूल प्रति में शामिल नहीं था? और क्यों इमरजेंसी के दौर में इसे संविधान में शामिल किया गया? सवाल कई सारे उठते हैं- क्या नेहरू समाजवादी थे? क्या भगत सिंह समाजवादी थे? या जेपी-लोहिया के हिसाब से समाजवाद का विचार कैसा था? समझेंगे कि आज़ादी और आज़ादी के इतने सालों बाद आज समाजवाद भारतीय राजनीति में कहां खड़ा मिलता है? पूछेंगे कि बिहार-यूपी जो समाजवादी नेताओं का गढ़ रहे, उनमें ग्रोथ का ग्राफ़ किस हद तक समाजवाद के कारण था? ये सब जानने के लिए हम पहुंचे पूर्व राज्यसभा सांसद, जेडीयू नेता और वरिष्ठ समाजवादी नेता KC Tyagi के पास. हमें तो Padhaku Nitin का ये एपिसोड रिकॉर्ड करने में बहुत आनंद आया, उम्मीद करते हैं सुनने-देखने में आपको भी आएगा. अगर आए तो तारीफ़ें सुझाव भेजिएगा, कमेंट बॉक्स खुला है.

10-09
01:09:11

Gaza Peace Deal से उम्मीदें, Trump का Nobel, Netanyahu की हार और Israel का मक़सद : पढ़ाकू नतिन

दो साल से जलती ज़मीन... गाज़ा. जहां हर सुबह राख से उठती है और हर रात धमाके में खत्म होती है. अब उसी राख पर रखी गई है, एक नई “Peace Deal” की पर्ची. वादा है कि जंग रुकेगी, बंधक लौटेंगे, गाज़ा फिर से जिएगा. लेकिन क्या शांति बस एक दस्तावेज़ से लौट आती है? क्या ये डील अमन का रास्ता है या बस पुरानी जंग का नया नाम, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में.

10-07
54:06

Democracy से डर, Secularism की सीमा, Hindu की Anxiety और Mob की Beauty: पढ़ाकू नितिन

हज़ारों सालों से इंसान कबीलों, सल्तनतों और अब राष्ट्र-राज्य में जी रहा है. लेकिन सवाल वही है सबसे सही शासन व्यवस्था कौन-सी है? राज्य कानून और संस्थाओं का ढांचा है, जबकि राष्ट्र पहचान और भावनाओं का जाल, अक्सर हम दोनों को गड़बड़ा देते हैं. फिर आता है लोकतंत्र जो बराबरी और आवाज़ का वादा करता है, लेकिन साथ ही populism और polarisation भी लाता है. तो क्या लोकतंत्र ही सबसे बेहतर विकल्प है या कोई और मॉडल उससे आगे निकल सकता है? इन्हीं सवालों पर बातचीत होगी JNU के असोसिएट प्रोफ़ेसर अजय गुडावर्ती से, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं

10-02
01:27:55

China-India के रिश्ते क्यों नहीं सुधर सकते और Modi क्यों गए Xi Jinping के गांव?: पढ़ाकू नितिन

भारत-चीन रिश्ते दशकों से उतार-चढ़ाव से गुज़रते रहे हैं. गलवान घाटी की झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हुआ. आखिर चीन की महत्वाकांक्षा क्या है? शी जिनपिंग किस तरह की राजनीति कर रहे हैं? और भारत इन चुनौतियों से निपटने के लिए कैसी रणनीति बना रहा है? इन्हीं सवालों पर हमने विस्तार से बात की पूर्व राजनयिक अशोक कंठ, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं

09-30
01:06:17

RSS तीन बार बैन लगने के बावजूद कैसे बना सबसे बड़ा संगठन?: पढ़ाकू नितिन

27 सितंबर 2025—ये तारीख सिर्फ़ कैलेंडर का पन्ना नहीं, बल्कि एक सदी की कहानी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज अपने 100 साल पूरे कर रहा है। इस सफ़र में RSS ने सबकुछ देखा— आज़ादी की गूंज, गांधी की हत्या का साया, इमरजेंसी की कड़वाहट, बाबरी मस्जिद का तूफ़ान, और वो मोड़, जब “अराजनीतिक” कहे जाने वाले संघ से दो प्रधानमंत्री निकले. सवाल उठे, आरोप लगे, तीन बार बैन भी झेला. लेकिन हर बार संघ और मज़बूत होकर लौटा. अब, 100 साल बाद, सबसे बड़ा सवाल— RSS की असली यात्रा कैसी रही? क्या ये उतार-चढ़ावों से भरी रही या अपनी विचारधारा की मज़बूती से टिके रहने की कहानी? इन्हीं सवालों पर चर्चा करने के लिए हमारे साथ हैं वरिष्ठ पत्रकार और लेखक निलांजन मुखोपाध्याय, जिन्होंने दशकों तक हिंदू संगठनों और राजनीति को क़रीब से कवर किया है और अपनी किताब The RSS: Icons of Indian Right में इन्हें दर्ज किया है. देखिए और समझिए, RSS के सौ सालों की ताक़त, आलोचनाएँ और जटिलताएँ. और हाँ, Aajtak Radio को Subscribe करना न भूलें.

09-25
01:36:51

Pakistan Saudi Arabia Defence Pact के निशाने पर कौन और India क्यों नहीं करता ऐसी डील?: Padhaku Nitin

पाकिस्तान और सऊदी अरब ने नया डिफ़ेंस पैक्ट किया है अगर एक पर हमला होगा तो दोनों मानेंगे लेकिन क्या इसका असर भारत तक पहुंचेगा? सऊदी भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और पाकिस्तान हमारा विरोधी. तो इस समझौते से पाकिस्तान मज़बूत होगा या ये सिर्फ़ काग़ज़ी एलान है? और भारत को अब वेस्ट एशिया पॉलिसी नए सिरे से सोचना पड़ेगा, सुनिए 'पढ़ाकू नितिन' में. Disclaimer: इस पॉडकास्ट में व्यक्त किए गए विचार एक्सपर्ट के निजी हैं

09-23
32:42

sum black

professor तू कितना मादरचोद है रे । मोदी है न अगले 500 साल के vision के साथ, लेकिन तुम गंदी नाली के कीड़े कभी appriciate नहीं करोगे ।

08-03 Reply

sum black

anti Modi podcast. सलाम खतरे में है 😭😭😭😭

07-19 Reply

sum black

साले जिहादियों के दलाल, तेरा भी मकान ले लेंगे और तुझे जेहादियों के साथ रवाना करेंगे अपने देश से ।

04-12 Reply

sum black

propaganda podcast funded by jehadis.

01-10 Reply

sum black

इसमें कोई शक नहीं की हिंदुस्तान हिंदुओ की धरती है ये हिंदू राष्ट्र ही कहलाएगा । तुम खालिस्तानी आतंकवादियो का खालिस्तान या तो canada में बनेगा और या फिर झानूम में ।

08-24 Reply

05-02

11-15

07-13

06-08

06-08

03-02

10-27

10-06

07-07

07-01

06-03

01-13

01-13

12-09

11-19

Recommend Channels