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Puliyabaazi Hindi Podcast

Author: IVM Podcasts

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This Hindi Podcast brings to you in-depth conversations on politics, public policy, technology, philosophy and pretty much everything that is interesting. Presented by tech entrepreneur Saurabh Chandra and public policy researcher Pranay Kotasthane, the show features conversations with experts in a casual yet thoughtful manner.
30 Episodes
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Ep. 30: लश्कर-ए-तय्यबा: कब, क्यूँ, और कैसे
26 नवंबर 2008, मुंबई की दर्दनाक तस्वीरें आज भी दिल दहला देती हैं | इस हमले को अंजाम दिया था पाकिस्तान सेना के पसंदीदा आतंकवादी गुट - लश्कर-ए-तैयबा ने | इस हादसे के 11 साल बाद भी, हम कम ही जानते है कि यह संगठन शुरू कैसे हुआ, किस मक़सद से हुआ, और इसके हथकंडे क्या है | तो हमने की पुलियाबाज़ी प्रॉफ़ेसर क्रिस्टीन फेयर से, जिन्होंने हाल ही में इस संगठन पर एक किताब ‘In Their Own Words: Understanding the Lashkar-e-Tayyaba’ लिखी है | फेयर जार्जटाउन यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रॉफेसर है और पाकिस्तान सेना पर किये गए अपने उल्लेखनीय शोधकार्य के लिए जानी जाती है | उनसे हमने इस आतंकवादी गुट एक संगठन के रूप में समझने के लिए यह सवाल सामने रखे: In this episode, we explore one of the most important nodes of the Pakistani military-jihadi complex: the Lashkar-e-Tayyaba (LeT). Our guest for this episode is Prof Christine Fair, a renowned voice on Pakistan security issues. In her latest book In Their Own Words: Understanding the Lashkar-e-Tayyaba, Dr Fair reveals finer details about LeT using publications produced and disseminated by Dar-ul-Andlus, the publishing wing of LeT. In this Puliyabaazi, we investigate LeT using organisation theory. What are their vision and mission statements? What keeps them together? How do they recruit employees? Who are their shareholders? And finally, what will it take to end this organisation? Listen in for an in-depth discussion on these questions. सुनिए और बताइये कैसा लगा यह एपिसोड आपको | If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app.
Ep. 29: अम्बेडकर के जातिप्रथा पर विचार: भाग २
पूरे भारत ने अपना सत्तरवाँ गणतंत्र दिवस पिछले हफ़्ते मनाया और अंबेडकर के योगदान को फिर एक बार याद किया | पर अंबेडकर साहब जैसे बुद्धिजीवी को सम्मान देने का शायद सबसे प्रभावशाली तरीका है उनके विचारों को समझना | अब उनको पुलियाबाज़ी में ला पाना तो संभव नहीं है इसलिए इस बार हमने प्रयत्न किया उनके कुछ लेख पढ़ने का और उनके तर्क को आपके सामने रखने का | इस दो भाग स्पेशल में हमने विश्लेषण किया अंबेडकर के जातिप्रथा पर कुछ विचारों का | भाग 2 में में सुनिए चर्चा उनके सबसे प्रसिद्ध लेख - Annihilation of Caste - पर | अंबेडकर ने यह भाषण 1936 में लाहौर के जात-पात तोड़क मंडल के लिए तैयार किया था पर यह लेख इतना धमाकेदार था कि मंडल ने इसे प्रकाशित करने से मना कर दिया | अंत में अंबेडकर ने खुद इसे प्रकाशित किया | जातिप्रथा का उन्मूलन क्यूँ और कैसे किया जाए - यह लेख इन सवालों पर केंद्रित है | यह लेख इतना प्रसिद्ध हुआ कि गांधीजी ने भी इस पर अपने विचार रखे और अपनी असहमति के कारण समझाए | इस एपिसोड में हमने इस बेहद ज़रूरी वाद-विवाद पर चर्चा की है | सुनिए और बताइए कैसा लगा आपको| साथ ही इस सीरीज़ के भाग १ में हमारी चर्चा सुनिए उनकी किताब The Untouchables पर | If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on: Twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi Instagram: https://www.instagram.com/puliyabaazi/ Subscribe & listen to the podcast on iTunes, Google Podcasts, Castbox, AudioBoom, YouTube or any other podcast app. You can listen to this show and other awesome shows on the new and improved IVM Podcast App on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios
Ep. 28: अम्बेडकर के जातिप्रथा पर विचार: भाग १
गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम भीमराव अम्बेडकर के योगदान को अक़्सर सलामी देते हैं | पर अम्बेडकर साहब जैसे बुद्धिजीवी को सम्मान देने का शायद सबसे प्रभावशाली तरीका है उनके विचारों को समझना| अब उनको पुलियाबाज़ी में ला पाना तो संभव नहीं है इसलिए इस बार हमने प्रयत्न किया उनके कुछ लेख पढ़ने का और उनके तर्क को आपके सामने रखने का | इस दो भाग स्पेशल में हमने विश्लेषण किया अम्बेडकर के जातिप्रथा पर कुछ विचारों का | भाग १ में सुनिए चर्चा उनकी किताब The Untouchables  पर | भाग २ में सुनिए चर्चा Annihilation of Caste पर | अम्बेडकर के काफ़ी लेख विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध है | पढ़िए और अपने विचार ज़रूर शेयर कीजिये हमारे साथ |
Ep. 27: एक नई विश्व व्यवस्था के लिए भारत कैसे तैयारी करे?
विश्व व्यवस्था के घटनाक्रम में हाल ही तीव्रता से बदलाव हुए हैं। अमरीका और चीन के बीच में 1971 से शुरू हुआ तालमेल का सिलसिला आज एक शीत युद्ध में तब्दील हो गया है। बदलते समीकरणों के चलते अगले २५ सालों में भारत को क्या कदम उठाने चाहिए, इस विषय पर है हमारी इस हफ़्ते की पुलियाबाज़ी | इस पुलियाबाज़ी में सौरभ और प्रणय ने इन सवालों पर चर्चा की: १. “विश्व-व्यवस्था” शब्द का अर्थ क्या है? २. ऐतिहासिक तौर पर किस प्रकार की विश्व-व्यवस्थाएं रह चुकी है? ३. अमरीका और चीन के मनमुटाव के चलते भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा? ४. विश्व-व्यवस्था में आख़िर बदलाव अब क्यों आ रहा है? ५. क्या चीन अमरीका को विश्व के सबसे ताक़तवर देश के रूप में विस्थापित कर सकता है? सुनिए और कहिए कैसा लगा आपको @puliyabaazi या फिर puliyabaazi@gmail.com पर। It’s nearly impossible to read a book on geopolitics today without the mention of the phrase A New World Order. Many claims of this New World Order narrative need deeper investigation, starting from these questions: what constitutes a world order? How was the US able to reach this position of a world leader after the World War II? What are the odds that China will replicate this feat? And finally, in what ways can India shape the world order? These are the questions we tackle in this week’s episode. Recommended reading and listening on this topic: Takshashila Discussion Document on ‘India’s Strategies for a New World Order’ Pranay Kotasthane on ‘Ingredients of a New World Order’ The Pragati Podcast episode on ‘A New Brave World Order’ Opinion piece in Rajasthan Patrika ‘भारत कैसे तैयारी करें नयी विश्व-व्यवस्था से निपटने के लिए’ If you have any comments or questions please write to us at puliyabaazi@gmail.com Follow us on twitter: https://twitter.com/puliyabaazi Follow Puliyabaazi on Facebook: https://www.facebook.com/puliyabaazi/
Ep. 26: भाग रॉकेट भाग: भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम की कहानी
अंतरिक्ष खोजने की चाह हज़ारों साल पुरानी है। लेकिन अंतरिक्ष तक पहुंचने की क्षमता केवल सत्तर साल पुरानी है। और भारत उन चुनिंदा देशों में से है जिसने इस खोज में कई झंडे गाढ़े है। तो इस बार पुलियाबाज़ी में हमने भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम पर खुलकर चर्चा की पवन श्रीनाथ से, जो इस विषय पर काफ़ी सालों से शोधकार्य कर रहे हैं। पवन तक्षशिला संस्थान में फेलो है और थले-हरटे (कन्नड) और प्रगति (अंग्रेज़ी) पॉडकास्ट के होस्ट है। हमने इन सवालों पर बातें की इस एपिसोड में: 1. एक ग़रीब देश के अंतरिक्ष प्रोग्राम को स्थापित करने की सोच कहाँ से शुरू हुई? 2. किस तरह यह प्रोग्राम दिल्ली से दूर कई राज्यों में वितरित रहा। 3. उपग्रह और लॉन्च वेहिकल - इन दोनों घटकों पर इसरो का प्रदर्शन कैसा रहा है ? 4. SpaceX जैसी निजी संस्थाओं ने इसरो के सामने क्या चुनौतियाँ रखी हैं? सुनिए और बताइये कैसा लगा आपको @puliyabaazi या फिर puliyabaazi@gmail.comपर। In this episode of Puliyabaazi we take a close look at India's space programme with Pavan Srinath, fellow and faculty at the Takshashila Institution and a host of Thale-Harate and Pragati podcasts. We discussed the impact that space research has for an aspirational society and why the argument 'poor nations shouldn't spend on luxuries like space exploration’ makes little logical sense. We then move on to discuss the beginnings of India's tryst with space. Pavan then takes us through the two components of the space programme - satellites and launch vehicles. Do let us know in puliyabaazi@gmail.com if you have any thoughts to share.
Ep. 25: परदेसी परदेसी जाना नहीं
‘मेरे पिया गए रंगून, वहाँ से किया है टेलीफून” याद आया न यह गाना? लेकिन आपने सोचा कि इनके पिया आख़िर क्यों और कैसे रंगून पहुंचे? आम धारणा यह है कि भारत में अक़्सर लोग जिस गाँव में जन्म लेते थे, उसी में पूरा जीवन व्यतीत कर देते थे | लेकिन हमारे इस एपिसोड के सह-पुलियाबाज़ चिन्मय तुम्बे बताते है कि भारत का प्रवास याने कि migration के साथ अटूट रिश्ता है | चिन्मय १० साल से migration पर शोध कर रहे है और उन्होंने अपनी किताब India Moving: A History of Migration में भारतीय समाज और migration के कई अनोखे किस्सों का अध्ययन किया है | आपको ज़रूर मज़ा आएगा यह एपिसोड सुनकर! Everyone of us has a migration story. And yet the term migrant often becomes problematic. So in this week’s Puliyabaazi, we spoke to Chinmay Tumbe, a scholar of Indian migrations and author of the magisterial India Moving: A History of Migration. We discussed Indian communities that are prolific at migration. We also discussed if there is anything like a ‘good migrant’.
Ep. 24: धरती के बर्फीले छोरों से कहानी Climate Change की
जलवायु परिवर्तन (climate change) के भीषण प्रभावों पर आंकड़े तो स्पष्ट हैं लेकिन फिर भी हम और हमारी सरकारें इस वैश्विक समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे | तो इस पुलियाबाज़ी में हमने सीधे बात की ऐसे क्लाइमेट सेनानी से जो क्लाइमेट चेंज के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए धरती के दोनों बर्फीले ध्रुवों तक ही पहुँच गए | सुनिए हमारी पुलियाबाज़ी राजा कार्तिकेय से जिन्होंने एक साल के भीतर ही अंटार्कटिक और आर्कटिक ध्रुवों का दौरा किया | पेशे से राजा सयुंक्त राष्ट्र में राजनैतिक अफ़सर है और उनकी अपनी कहानी भी बड़ी दिलचस्प है | उन्होंने समझाया कि आज के क्लाइमेट में बदलाव का कारण भले ही पश्चिमी देश हो पर इसका भारत जैसे देशों पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा | न सिर्फ तटवर्ती इलाक़े बल्कि भारत के अंदरूनी उत्तरी भाग भी इससे बदल जाएंगे | इसीलिए हमारे समाज और सरकारों को इस समस्या का सामना करने की तैयारी आज करनी होगी | तो क्या है वह कदम, जानने के लिए शामिल हो जाइये इस पुलियाबाज़ी में |
Ep. 23: Arthashashtra Part 2: Foreign Policy कैसी होनी चाहिए?
Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से जो कि ‘अर्थशास्त्र और Indian Strategic Culture’ पर PhD कर रही हैं हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से | कजरी तक्षशिला इंस्टीटूशन के Graduate certificate in Strategic Studies में ‘अर्थशास्त्र और भारतीय विदेश नीति’ course पढ़ाती है | यह पुलियाबाज़ी दो भागों में है | पहले भाग में सुनिए चर्चा अर्थशास्त्र के उद्देश्य और मूलतत्वों पर | दूसरे एपिसोड में सुनिए कि चाणक्य विदेश नीति के बारे में क्या सिखाते है |
Ep. 22: Arthashashtra Part 1: साम, दाम, भेद, दंड से परे
Real estate से लेकर business advice तक, कौटिल्य नीति को बिना सिर पैर उपयोग करने की होड़ लगी है आजकल | अर्थशास्त्र को ignore करना तो ग़लत है ही, पर उसे ग़लत समझना और भी हानिकारक है | तो कौटिल्य अर्थशास्त्र से जुड़ी कई ग़लतफ़हमियों को ठीक करने के लिए हमने की पुलियाबाज़ी कजरी कमल से जो कि ‘अर्थशास्त्र और Indian Strategic Culture’ पर PhD कर रही हैं हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय से | कजरी तक्षशिला इंस्टीटूशन के Graduate certificate in Strategic Studies में ‘अर्थशास्त्र और भारतीय विदेश नीति’ course पढ़ाती है | यह पुलियाबाज़ी दो भागों में है | पहले भाग में सुनिए चर्चा अर्थशास्त्र के उद्देश्य और मूलतत्वों पर | दुसरे एपिसोड में सुनिए कि चाणक्य विदेश नीति के बारे में क्या सिखाते है |
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Comments (33)

Richard Hood

Lagaan ki Head Coach Elizabeth ki yaad aayi yeh episode sunke

Feb 17th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Richard Hood :)

Feb 17th
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Jainendra Kumar

shukriya! itni khubsurati aur sahaj tareeke se samjhane ke liye. :)

Feb 8th
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Shashank Kumar

ऐसे विषय को अपने प्रोग्राम के शामिल करके आपने बड़ी साहस दिखाई, धन्यवाद् !!

Feb 4th
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Abhinav Saxena

Love this podcast - I hardly enjoy any hindi content, but this podcast is an exception. Hosts always select interesting and relevant topics and don't over simplify the discussion, and hence always get to learn something new. Episodes on China and Ambedkar are specially worth mentioning.

Jan 31st
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Abhinav Saxena शुक्रिया अभिनव। और कोई विषय जिसपर पुलियाबाज़ी सुनना चाहेंगे आप?

Feb 1st
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pulkit singhai

insightful conversation!! i would have loved if you had discussed something about the book "worshipping false gods" too (from Shourie).

Jan 31st
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pulkit singhai

Puliyabaazi Hindi Podcast haan sir please. many thanks for puliyabaazis

Jan 31st
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Puliyabaazi Hindi Podcast

pulkit singhai thanks. padhi nahi hai woh kitaab. Ab padhenge aapne kahaa hai toh - Pranay

Jan 31st
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Sahil Verma

when are you going to start the mass production of these episodes?want more please

Jan 28th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Sahil Verma hi Sahil. So happy to see this message. We will keep trying.

Jan 29th
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Aditya Yadav

nice

Jan 28th
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Shashank Kumar

bahut himmat dikhai bhai ye video bna ke aapke video me ek jagah pucha gya hai ki daliton ne cow eating kyu nhi choda ? because unhe jinda rhne ke liye us time koi aur option hi nhi tha, unhe dead animals ke meat khane pdte the even animal ke gobar me se anaj nikal ke khane pdte the..koi vegetarian chiz nhi available thi.

Jan 25th
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Shashank Kumar shukriya! Thanks for your comment.

Jan 26th
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ra one

Good.

Jan 24th
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Kartik Narayan

बहुत अच्छा लगा यह पाड्कैस्ट सुन कर । लेकिन आप से आग्रह करूँगा की अंग्रेज़ी के शब्दों का कम इस्तेमाल करें ।

Jan 13th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Kartik Narayan शुक्रिया कार्तिक। कोशिश यही रहेगी। पर पुलियाबाज़ी का मज़ा तो तब ही है जब हम विचारों पर न कि भाषा की शुद्धता पर ध्यान केंद्रित करें। :)

Jan 14th
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Sharad Patel

Great analysis !!

Jan 11th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Sharad Patel thanks Sharad. please spread the word about the podcast and keep listening. :)

Jan 14th
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Nagamani Jaya Balila

would like to listen to a debate on why democracy(as practiced today), which is a relatively new concept, is the best way forward in these rapidly changing times when it inherently slows down decision making process. perhaps another podcast on this topic?

Jan 10th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Nagamani Jaya Balila Thanks for this suggestion. This would make for an excellent episode.

Jan 14th
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Nagamani Jaya Balila

All aspects covered, and links quite nicely from the thread that started in the podcast on climate change.

Dec 19th
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Nagamani Jaya Balila

Great job! Loved the scholarship in the discussion.

Dec 19th
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Nagamani Jaya Balila

For those who are skeptics, this is as real as it gets. The last 20 min on policy and people related solutions which would allow us to tackle climate change was particularly engaging.

Dec 19th
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Asha

Eye-opening! I wasn't aware of the security risks of climate change. Good and engaging conversation overall.

Dec 5th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Asha thanks Asha

Dec 8th
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Hemant Chandak

There are not many hindi podcasts around. Glad to find this one, have been a regular listener since 1st podcast and continue to like the discussions and guests who come for a chat. It encompasses range of issues affecting us, and two knowledgeable hosts with their own diverse experiences, add lot of value to the discussions. Keep it up guys!

Nov 30th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Hemant Chandak thanks a lot. Keep listening and spread the word! :)

Dec 8th
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Asha

I listened to the episodes on Arthashastra and found the insights on foreign policy and politics very interesting. The conversation was easy to follow and understand.

Nov 26th
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Vinayak Joshi

what a stupid suggestion at 44m mark! on one hand you convey that the use of MPs and MLAs for getting work done and problems solved is actually incorrect and on the other hand you suggest that the mplad funds should be converted into funds for managing offices of MPs. these offices are needed only because people come to the MPs to get their problems solved. so you want to encourage this thing which you have termed as wrong?

Sep 30th
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Puliyabaazi Hindi Podcast

Vinayak Joshi Thanks for your comment, Vinayak. Either you misunderstood or perhaps we weren't clear enough. The argument was that the funds should be made available for legislative research in MP/MLA offices. That was the big need identified in the episode.

Oct 25th
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Anuj Srivastava

bahot hi umda karykram hai. Great work

May 30th
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Anuj Srivastava glad you liked it. Please do spread the word. :-)

Jun 2nd
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