DiscoverPrime Time with Ravishरवीश कुमार का प्राइम टाइम: जनता जनार्दन है या जजमान?
रवीश कुमार का प्राइम टाइम: जनता जनार्दन है या जजमान?

रवीश कुमार का प्राइम टाइम: जनता जनार्दन है या जजमान?

Update: 2020-09-04
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GDP अंग्रेजी में जितनी खुशनुमा लगती है उतनी हिंदी में सुनने में नहीं लगती है. सकल घरेलू उत्पाद बोलते ही "सकल पदारथ है जग माहीं,करमहीन नर पावत नाहीं" की प्रतिध्वनि सुनाई देने लगती है. भारत की राजनीति में भाषणों का स्तर 10 वीं कक्षा स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता से उपर नहीं उठ सका है. जब जनता अपनी नागरिकता छोड़ भक्ति में लग जाए तो उसे जनता नहीं जजमान कहना चाहिए.
Comments (1)

Pratap Nair

This is really a superb episode. Not to be missed 👌👌 #NDTV #PrimeTime #podcasts

Sep 5th
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Ravish kumar, रवीश कुमार