DiscoverQuran in Hindi02 अल्लाह पर भरोसा और तौबा का सफर: सूरह अल-बकरह (आयत 109-123)
02 अल्लाह पर भरोसा और तौबा का सफर: सूरह अल-बकरह (आयत 109-123)

02 अल्लाह पर भरोसा और तौबा का सफर: सूरह अल-बकरह (आयत 109-123)

Update: 2025-07-01
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अस्सलामु अलैकुम दोस्तों! एपिसोड 9 में आपका स्वागत है, जहाँ हम सूरह अल-बकरह की आयत 109 से 123 तक का रूहानी सफर करेंगे! इस एपिसोड में आसिफ और अनस आपको अल्लाह पर भरोसे, तौबा की अहमियत, नेमतों पर शुक्र, और नाफरमानी के नतीजों की बात बताएंगे। आसिफ माफी माँगते हैं अगर कोई देरी हुई हो, और वादा करते हैं कि अब से एपिसोड नियमित आएंगे। अनस अपनी मधुर आवाज़ में आयतें पढ़ेंगे, और आसिफ उनका हिंदी में अनुवाद और तशरीह करेंगे। तो चलिए, इस खूबसूरत यात्रा में शामिल होइए और कुरान के पैगाम को अपने दिल में उतारिए। अल्लाह हाफिज!

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02 अल्लाह पर भरोसा और तौबा का सफर: सूरह अल-बकरह (आयत 109-123)

Asif Shaikh