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Dil ki Baat
199 Episodes
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एहसासकुछ जज़्बात शब्दों के मोहताज नहीं होते,वे बस दिल में उतरते हैं… और रुक जाते हैं।यह पॉडकास्ट उन खामोश पलों का आईना है,जहाँ मुस्कान भी बोलती हैऔर ख़ामोशी भी कहानी कह जाती है।यहाँ हर एहसास सच्चा है —प्यार का, इंतज़ार का, टूटने का, संभलने का…क्योंकि ज़िंदगी सिर्फ़ सुनी नहीं जाती,महसूस भी की जाती है।अगर कभी दिल भारी होया बिना वजह हल्का…तो समझिए, यह एहसास ही तो है।
लापरवाही ज़िंदगी की उस साइलेंट स्लिप है, जो बिना आवाज़ किए हमें पीछे धकेल देती है। हम सोचते हैं—“अभी नहीं, बाद में देखेंगे,” और यहीं से रिस्क मैनेजमेंट फेल हो जाता है। समय पर लिया गया एक छोटा-सा एक्शन बड़े नुकसान को रोक सकता है, लेकिन लापरवाही उसे टालती नहीं, बल्कि टेबल पर रख देती है—ब्याज के साथ। यह न सिर्फ काम की क्वालिटी गिराती है, बल्कि रिश्तों की ब्रांड वैल्यू भी कम कर देती है। मज़ेदार बात यह है कि लापरवाही अक्सर मासूम लगती है, पर इसका ROI हमेशा नेगेटिव होता है। इसलिए अगर ग्रोथ चाहिए, तो अलर्ट रहना पड़ेगा—क्योंकि लापरवाही कभी भी स्ट्रेटेजी नहीं होती, बस एक महँगी भूल होती है।
उन ख़्वाबों के नाम, जो दिल में पलते हैं और ज़िंदगी को आगे बढ़ने का साहस देते हैं।यहाँ बात होगी सपनों, संघर्षों, उम्मीदों और उस अंदरूनी आवाज़ की जो कहती है—“तुम कर सकते हो।”हर एपिसोड में सोच को दिशा मिलेगी, मन को हिम्मत और सपनों को नई उड़ान।अगर आप अपने सपनों को सिर्फ़ देखना नहीं, जीना चाहते हैं—तो सपना आपके लिए है
मुस्कान—वो खामोश भाषा है, जो टूटे हुए दिल भी पढ़ लेते हैं। कभी दर्द छुपाने का साहस, कभी उम्मीद बचाए रखने की आख़िरी कोशिश।
नया साल—नई सोच, नए सपने, और खुद से एक नया वादा। बीती बातों को छोड़कर, आज से बेहतर कल की शुरुआत करते हैं।
“ज़िंदगी—एक सफ़र, एक एहसास।इस पॉडकास्ट में हम ज़िंदगी की उन कहानियों से रूबरू होते हैं जो हमें गिराकर मज़बूत बनाती हैं। सच्ची बातें, अनकही भावनाएँ और थोड़ी-सी अनफ़िल्टर्ड गपशप—क्योंकि ज़िंदगी लिखी नहीं जाती, जी जाती है।”
आँखें वो ख़ामोश मीटिंग रूम हैं जहाँ दिल और रूह की स्ट्रैटेजी बनती है। इनमें सपनों की स्लाइड्स, यादों का डेटा और भावनाओं का अनफ़िल्टर्ड सच होता है। एक नज़र ही काफ़ी है—कभी मुस्कान का ROI देती है, कभी आँसूओं की रिपोर्ट।
ज़िंदगी एक अनकही कहानी है—कभी मीठी, कभी तुफानी, और कभी बिल्कुल खामोश। यह हमें हर मोड़ पर नया सबक देती है, टूटकर भी जोड़ती है, और गिरकर भी उठना सिखाती है। हर सुबह इसका नया पन्ना खुलता है—बस दिल में उम्मीद और कदमों में हिम्मत चाहिए, बाकी सफ़र खुद रास्ता बना लेता है।
"Welcome to a sacred space where every breath becomes a prayer and every moment invites you closer to the Divine.Here, we explore bhakti, wisdom, and soulful reflections that empower your inner journey.Tune in, slow down, and reconnect with the supreme presence guiding us all.This is your sanctuary… your spiritual pit stop… your daily dose of peace.Welcome home."
Bringing Creativity and Connection to Our Neighborhood!
“रेल यात्रा—खिड़की के बाहर बदलते नज़ारे, हवा में उड़ती यादें, और पटरियों पर चलती उम्मीदों का सफ़र। हर स्टेशन एक नई कहानी, हर मोड़ एक नया एहसास।”
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
यात्रा आत्मा की खोज का माध्यम है। यह केवल मंज़िल तक पहुँचना नहीं, बल्कि रास्तों में खुद को जानने, अनुभव करने और जीवन के अर्थ को समझने की प्रक्रिया है।
dosti बिछड़े दोस्त… ये दो शब्द ही दिल में हलचल मचाने के लिए काफी हैं। दोस्ती वह रिश्ता है जिसे हम ख़ुद चुनते हैं, और जब वही दोस्त किसी वजह से दूर हो जाएँ तो ज़िन्दगी की हलचल अधूरी सी लगने लगती है। कभी-कभी यादें ही हमारे पास बचती हैं—वो हँसी, वो अनकहे राज़, वो बेवक़्त की मुलाक़ातें। बिछड़े दोस्तों की कमी खालीपन की तरह दिल में जगह बना लेती है, मगर उसी कमी में एक अनमोल ख़ूबसूरती भी छिपी होती है—याद करने का सुख, महसूस करने का जादू, और फिर से मिलने की उम्मीद।
zindagi mere ghar aana!!मुश्किल ज़िन्दगी — इतनी छोटी सी चार शब्दों वाली बात, पर उसका वज़न पहाड़ जितना होता है। मुश्किलें आती हैं तब जब उम्मीदें और हक़ीक़त के बीच गैप बहुत बड़ा हो जाता है। किसी का जाना, नौकरी का छिन जाना, रिश्तों में दरार, या बस रोज़मर्रा का वही थकान — ये सब हमें महसूस कराते हैं कि ज़िन्दगी ने हमें कोई कठिन केस थमा दिया है जिसे हल करना है।




